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Saturday, December 24, 2011
Wednesday, August 17, 2011
भजन
एक ही नाम आधार श्री कृष्ण के श्री मुख से निकले बार बार
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री श्री राधा श्री राधा
कान्हा तुम काहे हमें सता रहे हो,
क्यों बेकरार दिलों को तड़पा रहे हो,
यूं छेड़ो ना बांसुरी की तान,
पड़ते ही कानों में ये ले लेती है हमारी जान।
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भजन,
मन्त्र संग्रह
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